17 दिसंबर 2019 - 18:41
इराक़, कर्बला में हंगामे की कोशिश, इमाम हुसैन के श्रद्धालुओं की सराय पर भी हमले! प्रदर्शन खत्म होने के लिए ट्रम्प ने क्या शर्त र

इराक़ में कर्बला की पुलिस ने बताया है कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के रौज़े के दर्शन के लिए आने वालों के आराम के लिए बनाये गये कई सरायों को अज्ञात लोगों ने जला दिया है।

" मौकिब" कहे जाने वाले इन स्थलों को जलाए जाने से कर्बला में आम जनता में रोष है और कबाइली सरदारों और शांतिपूर्ण रूप से  प्रदर्शन करने वालों ने कहा है कि इमाम हुसैन के ज़ायरीन के बनाये गये " मौकिबों" को जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए और वह पुलिस के साथ सहयोग पर  तैयार हैं।

कर्बला पुलिस द्वारा जारी एक  बयान में कहा गया है कि अराजक तत्वों ने सरकारी इमारतों और सार्वाजिनक संपत्तियों  को नुक़सान पहुंचाने पर ही संतोष नहीं किया बल्कि मंगलवार से उन्होंने उन स्थलों को भी जलाना शुरु कर दिया है जहां कर्बला जाने वाले हज़ारों लोग खाते पीते और आराम  करते थे।

बयान में कहा गया है कि कर्बला में जिस तरह से इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के ज़ायरीन के विश्राम स्थलों को जलाया गया है उससे साफ पता चलता है कि अराजक तत्वों को उन लोगों से कितनी दुश्मनी है जो हर साल दसियों हज़ार ज़ायरीन की सेवा करते हैं।

बयान में कहा गया है कि इराक़ को तबाह करने का इरादा रखने वाले यह लोग सड़कें बंद कर रहे हैं ताकि शांतिपूर्ण रूप से प्रदर्शन करने वालों की राह रोकी जाए।  

याद रहे इराक़ की अलबुरासा न्यूज़ एजेन्सी ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि अमरीका और उसके क्षेत्रीय घटक, इराक़ के प्रदर्शनों  का रुख मोड़ने के लिए पूरी तरह से सक्रिय हो गये हैं और अमरीका ने इसके लिए बड़ा बजट विशेष किया है।

इस से पहले अलबुरासा न्यूज़ एजेन्सी ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इराक़ी प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल मेहदी के नाम अपने एक पत्र में उनसे कहा था कि अगर इराक़ अपने रिज़र्व तेल भंडार का आधा हिस्सा, अमरीका को दे दे तो इराक़ में जारी प्रदर्शन रुक जाएंगे।

रिपोर्ट के अनुसार आदिल अब्दुल मेहदी ने ट्रम्प की यह मांग मानने से इन्कार कर दिया था जिसके बाद प्रदर्शनों में तेज़ी आयी और आदिल अब्दुल मेहदी पर त्याग पत्र के लिए दबाव बढ़ गया।